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बहेड़ी- मोहल्ला रामलीला में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा का शुभारंभ

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संवाददाता – आर,के,सक्सेना 

बहेड़ी के मोहल्ला रामलीला में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा का शुभारंभ

बहेड़ी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा की एक और नई शाखा का गुरुवार को नगर के मोहल्ला रामलीला में शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बरेली क्षेत्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी पार्वती दीदी,बी के,सुखदेवी दीदी,लता दीदी, सविता दीदी,पालिकाध्यक्ष रश्मि जायसवाल,आलोक गर्ग, संजीव कुमार,मुकेश गर्ग,विवेक गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी पार्वती दीदी ने बोलते हुए कहा कि सेवा केंद्र में प्रतिदिन सत्संग सुनकर, ईश्वर को स्मरण कर उनकी शक्ति से दिव्य गुणों को धारण कर रमस्तूरी को कस्तूरी के समान सुगंधित बनाना है। उन्होंने उपस्थित जनों को ध्यान का अभ्यास कराते हुए परमात्म स्मृति से की। सभी को ईश्वरीय महावाक्य सुनाते हुए उन्होंने कहा कि हर कर्म में ईमानदारी का प्रयोग करना ही सच्ची तपस्या है। जो ईमानदार व्यक्ति होंगे वे कभी भी समय, संकल्प,तन,मन व धन जैसे किसी भी खजाने को व्यर्थ नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य क्या हो और आज क्यों हम उसे भटक गए हैं। धन,मान शान,यश ही मानव जीवन का उद्देश्य नहीं है। जीवन में सुख शांति का आधार और खुशी का आधार क्या है। उन्होंने बताया कि यह संसार एक रंगमंच है और हम सभी इसके अभिनेता हैं। उन्होंने कहा कि सृष्टि रूपी रंगमंच पर हम अच्छे से अच्छा अभिनय करें,यह हमारे जीवन का उद्देश्य है। उस अभिनय के लिए हम अपने मन,वचन,कर्म से सबको,सुख शांति प्रदान करें लेकिन आज मनुष्य अपने देह अभियान के कारण लक्ष्य से भटक गया है। यही दुख और अशांति का मुख्य कारण है। आज जीवन में संतोष नहीं है,इच्छाएं बहुत हैं। धन को प्राप्त करने की होड़ है,जिसके कारण मनुष्य अपने जीवन के उद्देश्य से भटक गया है,जिससे वह स्वयं से भी दूर हो गया है और परमात्मा से भी दूर हो गया है। आज हम अपने मन पर कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं और देह की इंद्रियां मालिक बनकर मन को नचा रही हैं। जहां इंद्रियां खींच कर ले आती हैं,वहीं मन चला जाता है। कभी जीभ रस,कभी स्पर्श रस,कभी गंध रस,कभी फन रस और कभी नेत्र रस के वश होकर मनुष्यचंचल हो गया है और नकारात्मक विचारों से भरपूर हो गया है। अगर हम जीवन में शांति,सुख,आनंद का अनुभव करना चाहते हैं तो मन में सकारात्मक चिंतन करने की आवश्यकता है। इस दौरान यहां ब्रम्हाकुमारी परिवार से जुड़े हुए तमाम लोग उपस्थित रहे।

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